हम आपको अपनी वेबसाइट पर यथासंभव सबसे अच्छा अनुभव देने के लिए कुकीज़ का इस्तेमाल करते हैं। इस साइट को ब्राउज करना जारी रख कर, आप कुकीज का इस्तेमाल किए जाने की सहमति देते हैं। अपनी वरीयताओं को संसोधित करने के तरीके सहित, अधिक विवरण के लिए, कृपया यह दस्तावेज पढ़ें - गोपनीयता नीति।
अधिक जानकारी स्वीकार करें

सामान्य सवाल

बारंबार पूछे जाने वाले सवाल

विदेशी विनिमय, जिसे फॉरेक्स या एफएक्स भी कहा जाता है, ऐसा मार्केट है जिसमें करेंसी ट्रेड की जाती हैं। फॉरेक्स मार्केट दुनिया का सबसे बड़ा और तरलता वाला फाइनेंशियल मार्केट है, जो दिन में 24 घंटे, सप्ताह में पांच दिन खुला रहता है। इसे यथार्थ में कहें, तो न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज एक दिन लगभग $169 बिलियन का कारोबार करता है, जबकि फॉरेक्स मार्केट में एक दिन में $5 ट्रिलियन की लेन-देन होती है।

फॉरेक्स करेंसी युग्म में ट्रेड किया जाता है। आम करेंसी युग्म, यूरो/यूएस डॉलर, यूएस डॉलर/जापानी येन, ग्रेट ब्रिटिश पाउंड/यूएस डॉलर और कनाडाई डॉलर/यूएस डॉलर हैं। करेंसी खरीदते ही दूसरी करेंसी स्वत: बिक जाती है। करेंसी का मूल्य घटता-बढ़ता रहता है, इसलिए इस खरीद-फरोख्त का लक्ष्य लाभ कमाना है। ऐसे कई आर्थिक कारक होते हैं जो करेंसी के मूल्य में उतार-चढ़ाव प्रभावित करते हैं और ट्रेडर तथा समर्पित विश्लेषक दोनों समान रूप से इसे समझने का प्रयास करते हैं।

फॉरेक्स मार्केट दिन में 24 घंटे, सप्ताह में 5 दिन खुला रहता है और दुनिया भर के प्रमुख फाइनेंशियल केंद्रों पर करेंसी ट्रेड की जाती है। यह रविवार अपराह्न 10:00 बजे GMT पर खुलता है और शुक्रवार अपराह्न 10:00 बजे GMT पर बंद हो जाता है:

  • सिडनी एक्सचेंज अपराह्न 10:00 बजे से शाम पूर्वाह्न 7:00 बजे GMT तक खुला रहता है
  • टोक्यो एक्सचेंज पूर्वाह्न 12:00 से पूर्वाह्न 9:00 बजे GMT तक खुला रहता है
  • लंदन एक्सचेंज पूर्वाह्न 8:00 बजे से अपराह्न 5:00 बजे GMT तक खुला रहता है
  • न्यूयॉर्क एक्सचेंज अपराह्न 1:00 बजे से अपराह्न 10:00 बजे GMT तक खुला रहता है

यह लीवरेज के उपयोग और निवेश की गई पूंजी की मात्रा पर निर्भर करता है। आप $50, या $50,000 से निवेश करना शुरू कर सकेंगे- बस आकाश ही सीमा है। हालांकि, यह याद रखना महत्वपूर्ण है कि लीवरेज में वृद्धि से आपका जोखिम बढ़ जाता है; आखिरकार यह ट्रेडर के धैर्य और जोखिम प्रबंधन पर निर्भर करता है। कुशल ट्रेडर विश्लेषण कर ट्रेडिंग हेतु स्ट्रेटजी बनाते हैं, जो उनकी अपनी स्टाइल के अनुरूप हो और वे समझदारी से धन प्रबंधन द्वारा जोखिम कम करते हुए लाभ में वृद्धि करते हैं।

शेयर मार्केट के विपरीत, फॉरेक्स मार्केट किसी सेंट्रल एक्सचेंज से संबद्ध नहीं है। दो ट्रेडरों के बीच लेन-देन टेलीफोन पर या इलेक्ट्रॉनिक नेटवर्क से किया जाता है, इसलिए फॉरेक्स मार्केट को ओवर-द-काउंटर (OTC) या 'इंटरबैंक' मार्केट माना जाता है।

फॉरेक्स मार्केट में स्प्रेड सृजित करने वाले दुनिया के सबसे बड़े बैंक प्राथमिक प्रतिभागी हैं, जिसमें केंद्रीय बैंक, कॉमर्शियल बैंक और निवेश बैंक शामिल हैं। इंटरबैंक मार्केट अपने लिए या अपने ग्राहकों की ओर से एक दूसरे के साथ लगातार डील करते हैं। मार्केट के अन्य प्रतिभागियों का प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है और अब इस सूची में बड़े बहुराष्ट्रीय निगम, वैश्विक मनी मैनेजर, रजिस्टर्ड डीलर, अंतर्राष्ट्रीय मनी ब्रोकर, वायदा और विकल्प ट्रेडर तथा व्यक्तिगत निवेशक शामिल हैं।

कई कारकों से करेंसी की कीमतों का निर्धारण होता है। इनमें आर्थिक और राजनीतिक घटनाक्रम और घोषणाएं, ब्याज दरें, मुद्रास्फीति, प्राकृतिक आपदाएं तथा इसी प्रकार के कारण शामिल हैं। ट्रेडर किसी निश्चित समय पर मार्केट को किस रूप में लेते हैं, इस बारे में उनके आम मनोविज्ञान पर बहस होती है, जो कि उनके ट्रेडिंग निर्णयों का आधार बन सकता है और इस प्रकार से इसका मार्केट पर प्रभाव पड़ता है। हालांकि इसका कोई बिल्कुल अंतिम तथा मूल्य में उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी करने के लिए निश्चित तरीका नहीं है, फिर भी विश्लेषकों द्वारा मूल्य के उतार-चढ़ाव की भविष्यवाणी करने की बहुत अच्छी तकनीकें हैं।

इस FAQ के माध्यम से सामग्री का पढ़न-पाठन एक शानदार शुरुआत है! हमारे द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली अन्य शैक्षणिक सामग्री-जैसे प्रशिक्षण कार्यक्रम, सेमिनार, वेबिनार और वीडियो ट्यूटोरियल देखना सुनिश्चित करें । डेमो अकाउंट बनाना निश्चित रूप से सफल ट्रेडिंग की ओर बढ़ा पहला कदम है, नौसिखिया और विशेषज्ञ ट्रेडर दोनों इसे जांचते-परखते हुए सटीक ट्रेडिंग स्ट्रेटजी बनाते हैं तथा विभिन्न एड-ऑन, प्लगइन्स, स्क्रिप्ट और संकेतक कांफिगर करते हैं। इससे भी महत्वपूर्ण बात यह है कि आपको मार्केट, लाइव अकाउंट में मौजूद दिखेगा और जैसे-जैसे आप इस पर शोध करते जाएंगे, आपके हाथ निराशा नहीं लगेगी। डेमो अकाउंट फ्री और बिना जोखिम के हैं। अधिक जानकारी के लिए बस अपने अकाउंट मैनेजर से संपर्क करें। यदि आपके पास अभी तक अकाउंट मैनेजर नहीं है तो डेमो अकाउंट खोलें और अकाउंट मैनेजर जल्द ही आपसे संपर्क करेंगे।

इसके लिए मार्केट की चाल अनिवार्य रूप से आपके अनुकूल हो। आप विभिन्न तरीकों से मार्केट का विश्लेषण कर बाधाएं अपने अनुकूल कर सकेंगे। तकनीकी विश्लेषण में रुझान, ऐतिहासिक डेटा और वर्तमान मार्केट का उतार-चढ़ाव शामिल हैं। इसमें चार्ट और संकेतकों की पूरी तरह से जांच-परख कर ट्रेड के लिए अधिक सांख्यिकीय दृष्टिकोण अपनाना होता है। वैकल्पिक रूप से आपके पास बुनियादी विश्लेषण है जो महत्वपूर्ण आर्थिक घटनाक्रम तथा घोषणाओं पर अधिक ध्यान केंद्रित करता है और ये मार्केट को प्रभावित करते हैं। दोनों में किसी मामले में आपको प्रतिपादित ट्रेडिंग स्ट्रेटजी, सटीक निर्णय तथा पैसे को सावधानी से निवेश करते हुए मार्केट के संभावित उतार-चढ़ाव के अवसर को भुनाना होगा। लाभ की राशि आपकी ट्रेडिंग स्ट्रेटजी की दक्षता पर निर्भर करती है कि आप कीमतों में बदलाव, उनके रूझान तथा अपनी डिपॉजिट राशि की कितनी सटीक भविष्यवाणी करते हैं तथा ये मार्केट के उतार-चढ़ाव के समय प्रतिकूल परिस्थितियों को झेलने एव ट्रेडिंग के अच्छे अवसरों को भुनाने में सहयोग देती हैं।

आपको फॉरेक्स ट्रेड आरंभ करने के लिए केवल इंटरनेट कनेक्शन सहित कंप्यूटर और फ्री डेमो अकाउंट या Admiral Markets के साथ फंडयुक्त लाइव अकाउंट की आवश्यकता होगी। फिर भी, आपको उचित फॉरेक्स शिक्षा और फॉरेक्स मार्केट में जोखिम कम करने वाले टूलों से सुसज्जित होना पड़ेगा।

फॉरेक्स की शर्तें

स्प्रेड, बोली और प्रस्तावित मूल्य के बीच अंतर है। बोली मूल्य वह दर है जिस पर आप करेंसी युग्म बेच सकेंगे, और प्रस्तावित मूल्य वह दर है जिस पर आप करेंसी युग्म खरीद सकेंगे। हमारे साथ लचीले स्प्रेड के साथ इंस्ट्रूमेंट की विशाल श्रृंखला ट्रेड की जा सकती है। इससे आपको अपने ट्रेड पर अधिक पारदर्शी मूल्य मिलेगा।

रोलओवर दर को "स्वैप" या "ब्याज" दर भी कहा जाता है, जो दैनिक आधार पर आपका अकाउंट कैरी करने हेतु लागत भर है। यह दो करेंस की ब्याज दरों के बीच अंतर है, जो पोजीशन रात भर खुले रहने पर ट्रेडर या तो अर्जित या भुगतान करता है।

"ऑर्डर वॉल्यूम" शब्द ट्रेड की जाने वाली मानक लॉट संख्या दर्शाती है।

  • 1.00, 1 मानक लॉट या बेस करेंसी के 100,000 यूनिट दर्शाता है।
  • 0.01, 1 मिनी लॉट या बेस करेंसी के 10,000 यूनिट दर्शाता है।
  • 0.01, 1 माइक्रो लॉट या बेस करेंसी के 1,000 यूनिट दर्शाता है।

स्पॉट मार्केट का अर्थ उस मार्केट से है, जो फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स की वर्तमान कीमत से निपटता है। फॉरवर्ड कीमतों के विपरीत कीमतें स्पॉट पर ही मार्केट की मौजूदा कीमतों पर तय की जाती हैं

अनिवार्य रूप से यह बॉय या सेल ऑर्डर के लिए ट्रेडर की भाषा (लिंगो) है। करेंसी युग्म खरीदने पर लांग पाजीशन और इसके विपरीत, बेचने पर 'शॉर्ट' पोजीशन लिया जाता है। उदाहरण के लिए 1 EUR/USD लॉट खरीदने का मतलब है USD के मुकाबले EUR के 100,000 यूनिट के लिए लांग पोजीशन ओपॅन की जानी है। 1 EUR/USD लॉट बेचने का मतलब है USD के मुकाबले EUR की 100,000 यूनिट के लिए शॉर्ट पोजीशन ओपॅन की जानी है। इसके बारे में बस ऐसे ही सोचें, खरीदते वक्त डॉलर के मुकाबले यूरो के मूल्य में वृद्धि (लांग) होती है और बेचते वक्त डॉलर के मुकाबले मूल्य में कमी (शॉर्ट) हो जाती है।

मार्केट की कीमतों पर अंतर होने या किसी दिए गए मूल्य पर उपलब्ध तरलता समाप्त हो जाने पर स्लीपेज होता है। मार्केट की तेज चाल के दौरान कीमतों में कई पिप्स उछाल आने पर उसमें ट्रेड किए बिना आमतौर पर मार्केट में अंतराल होता है। इसी तरह, प्रत्येक कीमत में उपलब्ध तरलता की निश्चित राशि होती है। उदाहरण के लिए, यदि कीमत 50 है और 50 पर 1 मिलियन उपलब्ध है, तो 3 मिलियन ऑर्डर स्लिप हो जाएंगे, 3 मिलियन क्योंकि 50 की कीमत पर 1 मिलियन से अधिक है।

मार्जिन, कुल ट्रेडिंग साइज की प्रतिशत राशि है जो ट्रेडर को पोजीशन ओपॅन करने के लिए सद्भावना डिपॉजिट के बतौर ब्रोकर को आवश्यकता होती है। यह राशि न तो फ्री और न ही लेनदेन लागत है; यह महज आपके अकाउंट इक्विटी का हिस्सा है, जो ट्रेड के लिए आपके अकाउंट में डिपॉजिट के बतौर रख दी जाती है । मार्जिन आवश्यकताओं की गणना ब्रोकर द्वारा अग्रिम रूप से यथा निर्धारित तथा ट्रेडिंग शर्तों में निर्दिष्ट काल्पनिक ट्रेड साइज का प्रतिशत लेकर की जाती है। उदाहरण के लिए 1: 500 के लीवरेज का उपयोग कर USD/GBP (अथवा USD 100,000 यूनिट) का 1 लॉट ओपॅन करना हो, तो आपको मार्जिन (100,000/500) के रूप में केवल 200 USD की आवश्यकता होगी। यदि आपने 200 USD से कम रखे हैं, तो आप मार्जिन आवश्यकताएं पूरी नहीं कर पाएंगे, यदि आपके पास 200 या इससे अधिक होगा, तो ही ऑर्डर एक्जीक्यूट हो पाएगा।

मार्जिन कॉल एक एलर्ट है जब अकाउंट इक्विटी आवश्यक मार्जिन स्तर से नीचे पहुंच जाती है। इसका यह अर्थ है कि अकाउंट में केवल सप्लाई मार्जिन शेष है और इसे स्टॉप आउट या फोर्स क्लोजर से बचने के लिए अकाउंट में अधिक फंड डाला जाए।

हमारे साथ ट्रेडिंग

हाँ, हम ECN अकाउंट उपलब्ध कराते हैं। हम आपको Trade.MT4 और ECN+अकाउंट के माध्यम से आपके ट्रेडिंग अकाउंट पर ECN उपलब्ध कराते हैं।

फॉरेक्स ब्रोकर आपके और इंटरबैंक मार्केट-बैंकों के नेटवर्क जो एक दूसरे के साथ ट्रेड करते हैं-के बीच मध्यस्थ है। आम तौर पर फॉरेक्स ब्रोकर आपको बैंकों से मूल्य उपलब्ध कराएगा, जो उनके लिए तरलता प्रदाता के रूप में कार्य करते हैं। Admiral Markets मूल्य निर्धारण के लिए कई बैंकों का उपयोग करते हैं और हम आपको तेज एक्जीक्यूशन सहित सर्वोत्तम मूल्य कोट उपलब्ध कराते हैं।

निजी व्यक्तियों के लिए इंटरबैंक पर ट्रेडिंग संभव है, जिसके लिए महत्वपूर्ण निवेश आवश्यक होता है। इसलिए, जब तक ट्रेडर के पास कम से कम $50,000.00 से $100,000.00 हाथ में न हो, तब तक फाइनेंशियल लीवरेज भी आवश्यक होगा। Admiral Markets जैसे फॉरेक्स ब्रोकर ये लीवरेज उपलब्ध कराते हैं।

Admiral Markets फॉरेक्स ट्रेडिंग के बारे में असाधारण शैक्षिक सामग्री उपलब्ध कराने के साथ-साथ ट्रेडर को टूलों से सुसज्जित करता है तथा ट्रेडिंग हेतु सटीक निर्णय लेने में सहायता करता है। हम वेबिनार, लाइव-ट्रेडिंग सत्र, दैनिक फॉरेक्स विश्लेषण, ट्रेड अलर्ट और अपने रेजीडेंट विशेषज्ञों से हर एक के लिए अलग-अलग परामर्श भी उपलब्ध कराते हैं।

हां, हम नियमित रूप से प्रशिक्षण और सेमीनार फ्री आयोजित करते हैं। हमारी सेल्स टीम ग्राहकों की खास ट्रेडिंग आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए हर एक के लिए अलग-अलग परामर्श भी देती है, हालांकि Admiral Markets को वास्तविक फाइनेंशियल सलाह देने से प्रतिबंधित किया गया है।

CFD जटिल इंस्ट्रूमेंट हैं और इनमें लीवरेज की वजह से तेजी से फंड का नुकसान होने का उच्च जोखिम होता है।